Bihar And Orissa Public Demand Recovery Act 1914 Pdf In Hindi 2021 -

यह पूरे बिहार (और उड़ीसा के कुछ हिस्सों को छोड़कर) पर लागू होता है। झारखंड में भी इसके संशोधित संस्करण लागू हैं।

नियमित सिविल सूट के मुकाबले यह प्रक्रिया बहुत तेज है। तो 'Universal Law Publishing'

यह कानून ब्रिटिश काल के दौरान 1914 में लागू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार या सरकारी संस्थानों के बकाया धन (जैसे लगान, ऋण, अदालती फीस, स्थानीय कर आदि) को शीघ्र और प्रभावी ढंग से वसूल करना है। साधारण नागरिक मामलों में बकाया वसूली के लिए लंबी अदालती प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, लेकिन इस विशेष अधिनियम के तहत लोक मांग (Public Demand) की वसूली के लिए एक संक्षिप्त और त्वरित (Summary Procedure) प्रक्रिया प्रदान की गई है। 'Commercial Law Publishers'

वसूली की प्रक्रिया: सर्टिफिकेट केस (Certificate Case) तो 'Universal Law Publishing'

Refers to arrears or money owed to the government or specific local authorities. Section 4 & 6:

यदि सरकारी साइटों पर हिंदी PDF मिलने में कठिनाई हो, तो 'Universal Law Publishing', 'Commercial Law Publishers', या 'Central Law Agency' जैसी प्रसिद्ध कानूनी पुस्तकों के प्रकाशकों की गाइड बुक खरीदी जा सकती है। इसके अलावा, कई कानूनी ब्लॉग और शैक्षणिक वेबसाइटें इसका हिंदी अनुवाद या व्याख्यात्मक PDF प्रदान करती हैं।

Provision to challenge the officer's decision in a higher court. ⚖️ Modern Context & Legal Reviews Bihar and Orissa Public Demands Recovery Act, 1914